किशोरों में नशीले पदार्थों का उपयोग और इससे जुड़ी समस्याएं एवं बचाव

किशोरों में नशीले पदार्थों का उपयोग और इससे जुड़ी समस्याएं एवं बचाव

ईशान है क्या?

हां ऊपर है, अपने रूम में,

जरा बुलाओ तो उसे। 4 दिन हो गए उसे देखा नहीं है ठीक से।

मैं बुला कर लाती हूं,

ईशान की मम्मी ने उसके पापा को बोला और उसी समय वह ईशान के कमरे के ऊपर की तरफ चली गई।

मन में आशंका थी कि ईशान बाहर आएगा कि नहीं। यह सोचकर उन्होंने ईशान के कमरे का दरवाजा खटखटाया और बोला,

‘ ईशान बाहर आ जाओ पापा मिलना चाहते हैं।’ अंदर से आवाज आई थकी-थकी सी,

ठीक है मम्मी आता हूं।

और उसके बाद 3 घंटे बीत गए ईशान घर कमरे से बाहर नहीं आया और फिर निकला तो वह सीधे बाहर चला गया।

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इस तरह का माहौल कई बार घरों में देखा जाता है। जब बच्चे बड़े हो रहे होते हैं तो ऐसा होना अस्वाभाविक नहीं है। ऐसा होने में कोई आश्चर्य की बात नहीं है।

लेकिन ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जैसे बच्चे को बुलीग फेस करनी पड़ रही हो या पियर प्रेशर हो या वह कोई नशीले पदार्थ खाने लगा हो, या किसी रिलेशनशिप में वह चल रहा हो।

ऐसी अवस्था में बच्चों का साथ बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि इस समय उनको पैरंट्स की सही गाइडेंस की बहुत ज्यादा जरूरत होती है।

अगर उनको समय पर  गाइडेंस नहीं मिलती तो यह उनके लिए बहुत नुकसानदेह साबित हो सकता है।

कभी-कभी इस अवस्था में जीवन भी खराब हो जाता है।

इसलिए पैरंट्स यह बिल्कुल ना सोचें कि बच्चों को अब उनकी जरूरत नहीं है।

बच्चों को उनकी बेहद जरूरत होती है। सही मार्गदर्शन और सलाह देने के लिए अलग-अलग तरीका अपना सकते है।

मां बाप को, बच्चों के प्रॉब्लम को दूर करने के लिए, उनके हिसाब से मदद करनी पड़ेगी।

आप कल्पना कीजिए कि आप के दोस्त नाक में रिंग पहन रहे हो, कान में रिंग पहन रहे हो, बालों की चोटी बना रहे हो, हेयर स्टाइल अजीब अजीब से हो, कपड़े अलग फैशन के हो, उनकी दिनचर्या उनका खाने-पीने का ध्यान नाइटलाइफ इन सब के साथ जब आपको रहना पड़ेगा, तो ऐसे माहौल में, अपने आप को एडजेस्ट करने के लिए कितना दबाव महसूस होगा।

और शायद यही दबाव हमारे बच्चे महसूस करते हैं।

बहुत सारी बातें वह अपने सहपाठियों के दबाव में आकर करते हैं जो उनका खुद भी  मन नहीं होता है।

दुनिया काफी बदल चुकी है। इसके अलावा माता-पिता को अपने बच्चों से किन-किन चीजों  से निपटना पड़ता है।वह किन चीजो से भ्रमित हो सकते हैं यह समझना काफी मुश्किल है।

लेकिन, उनको यह कोशिश कभी नहीं छोड़नी चाहिए कि वह बच्चों की मदद नहीं कर सकते हैं क्योंकि मां-बाप से बेहतर मेहनत, मदद और कोई नहीं कर सकता है।

बच्चो में अल्कोहल, सिगरेट, इनहेलेंट्स और अन्य दवाओं का उपयोग माता-पिता के लिए एक प्रमुख चिंता का विषय है। बच्चे बहुत ही छोटी उम्र में हानिकारक और अवैध पदार्थों का उपयोग करने लगे हैं ।

अल्कोहल, धूम्रपान करने और नशीली दवाओं के उपयोग से आपके बच्चे के सामान्य स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।

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यह शारीरिक विकास, भावनात्मक विकास और स्कूल में प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकते हैं।

इसके प्रमुख कारण यह है – 

पहला, डोपामिन नाम का एक हार्मोन जो  हैप्पीनेस की भावना को बढ़ाने के लिए होता है। 

जब भी कोई व्यक्ति किसी पदार्थ का प्रयोग करता है तो डोपामिन हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है और वह अच्छा महसूस करता है। 

समय के साथ साथ ब्रेन में कुछ बदलाव आते हैं और डोपामिन कम बनने लगता है, तब उसको ज्यादा पदार्थ खाने की जरूरत पड़ती है। 

खुशी का एहसास करने के लिए और इसीलिए धीरे-धीरे पदार्थ खाने की मात्रा बढ़ती जाती है। 

यह आदत कुछ अनुवांशिक कारणों से  हो सकती है।

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दूसरा, कभी-कभी कुछ मानसिक बीमारियां होती हैं जिससे बच्चों में डिप्रेशन हो जाता है, या उन्हें किसी कारण से क्रोध, तनाव या उदासी महसूस होती है तो उस समय भी उनको खुशी प्राप्त करने के लिए यह रास्ता अपनाने की जरूरत महसूस होती है।Image 4.jpg

 

तीसरा, पियर के दबाव और समाज में लोगों के भेदभाव के कारण बच्चे पदार्थ का उपयोग करने की समस्याओं में पड़ सकते हैं।

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बचपन में उनके साथ अगर कोई उपेक्षा हुई हो, घर का, समाज का या स्कूल का माहौल भी कभी कभी इसके लिए जिम्मेदार होता है।

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इन पदार्थ के उपयोग करने वाले लक्षण पहचान कर पैरेंट्स अपने बच्चे में इन आदतों की पहचान कर सकते है। अपने बच्चों के साथ पदार्थों के उपयोग पर चर्चा करें।

  • यदि आपके बच्चे में शराब या नशीली दवाओं की समस्या है तो सही उपचार प्राप्त करना चाहिए।
  • बच्चों को नशीली पदार्थो के दुरुपयोग और उससे कैसे बचे उसके बारे में बताये। यदि आपको लगता है कि आपके किशोर या बच्चे इन नशीले पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं, तो चेतावनी संकेत देखें। उनमे शामिल है:
  • उनके हाव भाव में परिवर्तन दिखता है। पदार्थ के उपयोग के कुछ सबूतों की तलाश करें, जैसे कि छोड़े गए रासायनिक-भिगोने वाले रगड़ या नशीली दवाओं के सामान।
  • दोस्तो के साथ संबंधों में परिवर्तन होना। आपके बच्चे के दोस्तों पर सबसे अधिक असर पड़ता है कि वह पदार्थों का उपयोग कर रहा है या नहीं।
  • घरेलू व्यवहार जैसे आक्रामकता या शांत होने में परिवर्तन आ जाता है जो अपेक्षाकृत अधिक गंभीर होता हैं।
  • स्कूल की समस्याएं जैसे पढ़ाई मे मन न लगना या भागीदारी की कमी दिखाती हैं।
  • उपयोग के बारे में पूछें। पता लगाएं कि उसने किस पदार्थ का इस्तेमाल करने कोशिश की है। पदार्थों के प्रभाव के बारे में बात करें और पदार्थ के उपयोग के बारे में उसके क्या विचार है। पदार्थों का उपयोग करने के बारे में आपके बच्चे को क्या पसंद आया और क्यों बारीकी से सुने। यदि आपके बच्चे के साथ अच्छी बात चीत होती है तो आपके किशोर आपके साथ खुलकर सच्चाई के साथ जवाब देंगे इसकी संभावना अधिक होंगी।
  • अपने किशोरों से उन सहकर्मियों के बारे में पूछें जिन्होंने ड्रग्स दिया है और जिनके साथ आपके किशोर ड्रग्स का इस्तेमाल करते थे।
  • अपनी चिंताओं को साझा करें। न केवल दवाओं और अल्कोहल के दुरुपयोग के बारे में, बल्कि अपनी चिंताओं के बारे में, अन्य समस्याओं के बारे में भी बात करें। उदाहरण के लिए, स्कूल में पढ़ाई के प्रदर्शन की समस्याएं?
  • उम्मीदों की समीक्षा करें। इन पदार्थों के उपयोग से संबंधित परिवार के नियमों के बारे में अपने किशोरों से बात करें। नियमों को तोड़ने के परिणामों पर चर्चा करें। यदि आप नहीं चाहते हैं कि आपके किशोर किसी भी पदार्थ (सिगरेट और शराब) का उपयोग करें, तो इसे स्पष्ट करें।
  • अगर आपके पास इस मुद्दे से निपटने के लिए कोई लिखित योजना नहीं है, तो अपने किशोरों के साथ एक योजना लिखें बल्कि बच्चो से ही तय कराए कि परिवार के क्या नियम होने चाहिए।
  • उन्हें इसके बारे में शिक्षा प्रदान करें। ड्रग एजुकेशन दवा की जानकारी प्रदान करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह आप या आपका डॉक्टर समझा सकते हैं।
  • अल्कोहल, इनहेलेंट्स, सिगरेट, और या अन्य दवाओं के उपयोग के तत्काल प्रभाव और परिणामों के बारे में बात करें। केवल दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में बात न करें।

यदि आपको लगता है कि आपके किशोर नियमित रूप से या दैनिक पदार्थ जैसे अल्कोहल, सिगरेट, इनहेलेंट्स या अन्य दवाओं का उपयोग कर रहे हैं-इसे अनदेखा न करें।

यह उपयोग गंभीर है। किसी पदार्थ का बार-बार या नियमित उपयोग जल्दी शारीरिक या मनोवैज्ञानिक निर्भरता का कारण बन सकता है। आपके बच्चे पहले से ही पदार्थ पर निर्भर हो चुके हो।

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अपने किशोरों की मदद करने के लिए:

  • अपने किशोरों में ड्रग उपयोग के सबूत की तलाश करें। उपयोग की पहचान करने के तरीकों की जानकारी करें। यदि आपको एक विशिष्ट दवा पर संदेह है, तो उस दवा और इसके प्रभावों के बारे में अन्य जानकारी प्राप्त करें।
  • पता लगाएं कि कौन से पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है। उनसे पूछें कि कितनी बार और कहाँ से वह उन्हें प्राप्त कर रहे हैं। आपके किशोर आपको यह सारी जानकारी देने के लिए बहुत अनिच्छुक हो सकते हैं।
  • अपने किशोरों के पदार्थ के उपयोग के सही स्थिति के बारे में डॉक्टर से बात करें। आपके किशोरों को इलाज की आवश्यकता हो सकती है। प्रारंभिक उपचार भविष्य में शराब और नशीली दवाओं के उपयोग की समस्याओं को रोक सकता है।
  • सभी परिवार के सदस्य इससे प्रभावित होते हैं, और उन्हें पदार्थों का दुरुपयोग करने वाले व्यक्ति को प्रतिक्रिया देने के तरीकों को बदलने के लिए उन्हें कुछ प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है।
सौ बात की एक बात ये है कि बच्चों की इस आदत का पता चलते ही ज्यादातर पैरंट्स बहुत परेशान हो जाते हैं और भावनात्मक रूप से उनको बहुत चोट पहुंचती है। मेरा निवेदन है ऐसी अवस्था में अपने आप को संभाले और मजबूत बने। इस समय उनके कमजोर पड़ने से बच्चों पर बुरा असर पड़ेगा। बच्चों को ऐसे समय में अपने पेरेंट्स की मदद की बहुत ज्यादा उम्मीद और जरूरत होती है। इसलिए अपने बच्चों से बहुत प्यार और स्नेह से काम लेना चाहिए ताकि बच्चों का आत्म बल जो नीचे गिर चुका होता है उसको आप संभाल सकें। बच्चों को जब यह महसूस हो जाता है कि उनके पैरेंट्स उनकी किसी भी कमजोरी और किसी भी गलत बात में भी उनके साथ ही है तो बच्चे उन कमजोरियों से दूर निकलने की कोशिश करते हैं।

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